पाठ 18 : हाम कान की रेखा पुनरारंभ करता है, लेकिन परमेश्वर की बुलाहट शेम के लिए है ।

राष्ट्रों कि तालिका हमें बताती है की कैसे मानव जाति कि वृद्धि हुई और नूह और जल प्रलय के बाद वे पृथ्वी भर में फैल गए। नूह के पुत्र येपेत के बारे में बताने के बाद, बाइबिल हाम के पुत्र के बारे में सिखाती है। आपको याद होगा, हाम वो व्यक्ति था जिसने अपने धर्मी पिता के बताये हुए रास्ते को इंकार कर दिया था। उसका दिल विद्रोह और पाप कि ओर तुला हुआ था। उसके चुने हुए रास्ते शैतान के चुने हुए रास्ते थे। उसके दुष्ट व्यवहार के कारण, हाम और उसके वंशज नूह के अभिशाप के तहत थे।उनके पाप का अभिशाप समय के साथ उसके प्रसार ज़हर को दिखा रहा था। हाम के वंशज से बाइबिल तीस देशों या भाषा समूहों को सूचीबद्ध करती है। 

 

हाम के पुत्र कूश, मिस्र, और कनान थे। कूश निम्रोद नामक व्यक्ति का पिता था। वह एक महान और शक्तिशाली योद्धा के रूप में शानदार ढंग से प्रसिद्ध था। वह प्राचीन विश्व के महान शहरों का संस्थापक था। उन्होंने साथ में निम्रोद साम्राज्य बनाया। फिर भी निम्रोद, कैन और लेमेक और हाम के समान एक ही पापी कपड़े से काटा गया था। उसके नाम का अर्थ है "हम बागी होंगे।" उसने बल और हिंसा पर अपने साम्राज्य और सत्ता के लिए अपनी इच्छा का निर्माण किया। वे पूरे क्षेत्र में फ़ैल कर, पूरी भूमि को और जो कुछ उस में होता था उसे खा गए। 

बाबुल और नीनवे के शहरों का निर्माण सबसे पहले निम्रोद ने किया था। वे एक दिन बाबुल और अश्शूर के साम्राज्य बन जाएंगे, और वे निम्रोद के नक्शेकदम पर चलेंगे। इन जातियों के विषय में बाइबिल में इसलिए लिखा है क्यूंकि वे परमेश्वर के पवित्र लोग, इस्राएल, के महान उत्पीड़क बन जाएंगे। 

 

अश्शूर एक दिन परमेश्वर के पवित्र राष्ट्र, उत्तरी राज्य को नष्ट करके उसके लोगों को कैद करके गुलामी में रखेगा। बाबुल दक्षिणी राज्य के साथ ऐसा ही करेगा। ऐसा तभी होगा जब बाबुल अन्य किसी देश के द्वारा जीत लिया जाएगा तब इस्राएल के लोग अपने देश लौट सकेंगे। बाइबिल बताती है कि ये देश हाम से आये हैं, जिनके पिता ने परमेश्वर के रास्ते को छोड़ दुष्टता को चुन लिया। 

 

मिस्रम, उस जाती का पिता बन जाएगा जो मिस्र बन गया। यह महान मूर्ति पूजा की एक जगह बन जाएगी। नील नदी से लेकर, सूर्य और अपने फिरौन कि वे पूजा करेंगे। मिस्र, भी, परमेश्वर के पवित्र लोगों का, जो इस्राएल का राष्ट्र है, एक बड़ा अत्याचारी देश बन जाएगा। लेकिन परमेश्वर उनके अत्याचारी राजा से अपने लोगों को मुक्त करने के लिए एक शक्तिशाली काम करेगा। 

                                                    

मिस्रम से और एक समूह पलिश्तियों का आया था। वे लोग इस्राएल पर हमला करने के लिए समुन्दर को पार करके आते थे। दाऊद की प्रसिद्ध कहानी में, उसे पलिश्ती सेना को हराना था।  

हाम का पुत्र कनान उस देश में बसेगा जो परमेश्वर इस्राएल को वादा करने जा रहे थे। वे उस देश में परमेश्वर के विरुद्ध में होने वाले विद्रोह, मूर्ति पूजा, और नैतिक गंदगी में सैकड़ों वर्ष के लिए रहेंगे। सदोम और अमोरा कनान देश में थे, और उनके पाप इतने घिनौने थे की परमेश्वर उन्हें पूरी तरह से साफ़ कर देगा। लेकिन यह सिर्फ सदोम और अमोरा नहीं था, सारा देश पाप कि विषाक्त प्रदूषण से इतना दूषित हो जाएगा की, बाइबिल बताती है, भूमि घृणा के कारण उन्हें वमन कर देगी। यही कारण है कि परमेश्वर उनके पाप के कारण इस्राएल देश को उनका न्यायाधीश बनाएगा और उनको भूमि से हटा देगा। 

 

राष्ट्रों कि तालिका बहुत सी बातें सिखाती है। जब एक इस्राएली हाम वंशजों की सूची को पढ़ेगा, तो ऐसा लगेगा मानो वह देश के सबसे बड़े दुश्मनों के अभिलेख को पढ़ रहा हो। हाम की वंशज ने परमेश्वर के विरुद्ध महान उल्लंघन करने वालों का उत्पादन किया। वे ज़बरदस्ती दुनिया के दूसरे देशों पर अपनी अनैतिकता को उन पर थोपते थे जो स्वयं मूर्ति उपासक थे। वे केवल अपने निजी पापों में नहीं रहना चाहते थे, परन्तु उन्होंने ज़बरदस्ती अपनी दुष्टता उन पर भी डाली और उन्हें जो उनके साथ नहीं होना चाहते थे, उन्हें बेरहमी से दण्डित करते थे। 

 

प्राचीन इतिहास में जो कुछ हुआ उन घटनाओं का वर्णन ये कहानियां बताती हैं। बाइबिल में परमेश्वर ने इन बातों को इस लिए डाला ताकि हम जान सकें कि दुनिया ऐसी क्यूँ है। जो पाप और दुख और शर्म अब है, उसका कारण यह है की वही पाप और दुख और शर्म अतीत में भी था। हमारी आज कि दशा अतीत में होने वाली बातों के कारण से है। परमेश्वर हमें अपनी दुनिया को समझने के लिए सिखा रहे हैं। हिंसा और टूटापन और प्रेम की कमी, अदन की वाटिका से शुरू हुआ। मानव जाति के सारे लोगों ने जब परमेश्वर कि बातों का इंकार किया, वे पृथ्वी पर अधिक से अधिक दुष्टता और पाप का प्रदूषण ले आये। सब इस पीड़ा को सह रहे हैं। हर जीवन कठिनाई के साथ चिह्नित हो गया है। और सारी दुनिया में इस समय, लोग, सरकारों और उनकी संस्कृतियों के कारण बहुत से भयंकर दशा में जी रहे हैं। 

 

हमारे लिए यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है क्यूंकि इसमें परमेश्वर कि सच्चाई है। हमारे लिए इसलिए भी समझना आवश्यक है क्यूंकि यदि हम बुराई की शक्तियों के विरुद्ध परमेश्वर की अच्छाई के उज्जवल कामों को देखना चाहते हैं तो हमें यह जानना आवश्यक है कि बुराई क्यूँ है। हमें परमेश्वर के दुश्मन को जानना ज़रूरी है ताकि हम परमेश्वर के पवित्र स्वर्गदूतों के साथ मिलकर उस युद्ध में शामिल हो सकते हैं। 

 

जिसके लिए परमेश्वर ने इस्राएल कि रचना की थी, कैन के वंशज से जो दुष्ट संस्कृतियाँ आयीं वे उनके बिलकुल विपरीत थीं। इस्राएल उसके सेवकों का देश होगा और परमेश्वर एक अंधेरे और शापित दुनिया के बीच में अपने उज्जवल और पवित्र उपस्थिति को लाने के लिए उनका प्रयोग करेगा। 

 

परमेश्वर की कहानी पर अध्ययन।   

मानव इतिहास के उस युग में, परमेश्वर ने शेम के वंशज को उठाया और दुनिया को इस्राएल देश दिया। इस्राएल के देश में परमेश्वर एक मसीहा को लाएगा जो पूरे संसार का उद्धारकर्ता होगा। 

 

 

मेरी दुनिया, मेरे परिवार, और स्वयं पर लागू करना।  

जब यीशु आया, उसने सारी व्यवस्था को बदल दिया। परमेश्वर ने एक नए तरीके से मानव जाति के लिए अपनी योजना की परिपूर्णता को दर्शाया। अब, जो कोई भी यीशु पर विश्वास करता है वह यीशु का महायाजक होने का एक हिस्सा है! सभी भाषाओं और जातियों के लोग परमेश्वर के राज्य का एक हिस्सा बन सकते है! जो कोई परमेश्वर पर भरोसा करता है उसे पवित्र आत्मा कि शक्ति दी जाएगी! उसने हमें सारी पृथ्वी पर उसके सुसमाचार का प्रचार करने के लिए बुलाया है। 

 

परमेश्वर के प्रति हमारा प्रत्युत्तर।   

एक परिवार के रूप में या स्वयं से, ऐसे एक या दो राष्ट्रों का चयन कीजिये जो परमेश्वर के प्रेम को नहीं जानते। प्रार्थना कीजिये कि परमेश्वर अपने दूतों को भेजे। प्रार्थना कीजिये की वे यीशु के सुसमाचार को सुन सकें। अब आप अपने देश के बारे में सोचिये। अपने देशवासियों के लिए प्रार्थना कीजिये, ताकि वे भी यीशु के अपरम्पार प्रेम को जान सकें!