कहानी ६८: एक विधवा के लिए करुणा

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यीशु सुसमाचार सुनाने और बीमारों को चंगाई देने के लिए ग्रामशेत्र के इलाकों में यात्रा कि। उन्होंने नव नियुक्त चेलों के साथ नाइन नामक एक शहर की यात्रा की। उनके पीछे एक बड़ी भीर चली आ रही थी।वे इस कट्टरपंथी, चिकित्सा शिक्षक के लिए पर्याप्त नहीं हो पा रहे थे। वह जैसे ही नगर-द्वार के निकट आया तो वहाँ से एक मुर्दे को ले जाया जा रहा था। वह अपनी विधवा माँ का एकलौता बेटा था। सो नगर के अनगिनत लोगों की भीड़ उसके साथ थी। जब प्रभु ने उसे देखा तो उसे उस पर बहुत दया आयी। वह बोला, “रो मत।” फिर वह आगे बढ़ा और उसने ताबूत को छुआ वे लोग जो ताबूत को ले जा रहे थे, निश्चल खड़े थे। यीशु ने कहा, “नवयुवक, मैं तुझसे कहता हूँ, खड़ा हो जा!” यीशु के बोलते ही, जो बेटा मारा हुआ था वह ताबूत में जीवित हो गया! वह लोगों से बातें करने लगा! आप समझ सकते हैं कि उस भीड़ को कैसा झटका लगा? उस विध्वा के चकित होने के षण को क्या आप समझ सकते हैं, और फिर उसका सम्पूर्ण आनंद? क्या आप उसके चेहरे के रोशन हुए आनंद को देख सकते हैं? सो वह मरा हुआ लड़का उठ बैठा और बोलने लगा। यीशु ने उसे उसकी माँ को वापस लौटा दिया।अविश्वसनीय चमत्कार को होते हुए बहुत सी भीड़ यह देख रही थी। जो भीड़ यीशु के पीछे चली आ रही थी उन्होंने उसे ताबूत को छूटे देखा। सभी लोग जो शहर से निकल के आ रहे थे उन्होंने भी देखा। जैसे ही यह दोनों झुण्ड आपस में मिले, वे अचंभित हो गए। वे भी बहुत डर गए। यह कौन मनुष्य है जो हमारे शहर में इस तरह आया है? यह तो होना ही नहीं चाहिए था। मृत मृत ही रहने वाले थे। यह कौन अजनबी था जिसके पास मौत के ऊपर भी शक्ति थी? चमत्कार इतना महान था कि उसे मानना मुश्किल था! और यह कहते हुए परमेश्वर की महिमा करने लगे कि “हमारे बीच एक महान नबी प्रकट हुआ है।” और कहने लगे,“परमेश्वर अपने लोगों की सहायता के लिये आ गया है।” कितनी आश्चर्यजनक घटना थी, क्या नयी उम्मीदें उनके दिल में भर गईं। यह कितना दिलचस्प है कि जब लूका ने यह कहानी सुनाई तो उसने यह सुनिश्चित किया कि यीशु ने ताबूत को छुआ था। यहूदी धर्म के अनुसार, किसी मृत को चूना अशुद्ध माना जाता था। एक वफादार यहूदी व्यक्ति को फिर से साफ होने के लिए एक विशेष अनुष्ठानों के माध्यम से जाना होता है। उन्हें अपने परिवार के बाकी हिस्सों से अलग समय बिताना था और कुछ खास नियमों का पालन करना था।

पुराने नियम कि पुस्तिक में परमेश्वर ने अपने लोगों को यह एक पवित्र नियम दिया था। ये अपने परमेश्वर के साथ इस्राएल देश के पवित्र वाचा का एक हिस्सा था। यहूदी लोग इनको अपने दिल के करीब इन नियमों का आयोजन करते थे। यह उनके परमेश्वर के प्रति उनकी भक्ति थी। लेकिन उन नियमों के लिए समय समाप्त हो चुका था। वह कानून और नियम उनके परमेश्वर कि और से दिया हुआ तोहफा था जो उनके देश को पवित्र करता और उनके जीवन की एक संरचना देता जिससे सारे देशों में उसकी महिमा होती। उनको उसकी धार्मिकता का एक नमूना बनना था और उसके याजक भी। परमेश्वर किसी भी तरह उनके माध्यम से पृथ्वी पर अपने राज्य की स्थापना करने वाला था। लेकिन अब एक सच्चा याजक आ गया था। जहां बाकि के याजकों को नियम के आधीन खड़े रहना था और लोगों को उन्हें मानने के लिए लागू करना था, यीशु उस नियम से ऊपर था। वह एक नया दौर को लेकर आ रहा था जबकि नियम के लागू होने और उसकी शक्ति समाज में आवश्यक नहीं था। वो एक नयी वाचा को लेकर आ रहा था। जब यीशु ने ताबूत को छुआ, वह अशुद्ध नहीं हुआ! वह तो परमेश्वर का पुत्र था!

यीशु ना केवल नियम को त्याग रहा था, वह नियम के महत्पूर्ण कारणों को भी त्याग रहा था। यह समाज के लिए अच्छा है कि वह एक मृत को न पूजे। यह एक राष्ट्र के लिए अच्छा है कि एक मृत शरीर को ना छुए और ना ही उसका अपमान करे। जो चीज़ें विनाशमान हैं उन्हें ना चूना ठीक है। परन्तु यीशु मृत्यु को नाश करने वाला था! उसने उस विद्वा औरत के बेटे के द्वारा यह दिखाया कि उसके पास मृत्यु पर जय पाने कि सामर्थ है! इस शक्तिशाली चमत्कार का समाचार सारे यहूदिया और यरूशलेम और सभी आसपास के क्षेत्र में फ़ैल गयी थी। गलील, दस नगर, यरूशलेम, यहूदिया और यर्दन नदी पार के लोगों की बड़ी भीड़ उसका अनुसरण करने लगी। यह कितना सामर्थ्य हो यदि एक सूखा हाथ या एक लकवाग्रस्त के साथ एक अंधा आदमी या यीशु को देखने बाद घर कि उनकी वापसी कि यात्रा से आना और मुर्दों में से जी उठने कि कहानियों को बताना! गलील के आराधनालय में यहूदियों का यीशु से मिलने के बाद कुलबुलाना। येरूशलेम के मंदिर में उन धार्मिक याजकों कि बात चीत क्या रही होगी? उन परिवारों कि कल्पना कीजिये जिनके बचे बीमार थे या कोई वृद्ध माता पिता जो मर रहे हों। इस व्यक्ति के अंदर क्या उम्मीद थी! यीशु संसार के उज्जवल और महिमायुक्त झलक दिखा रहा था जिसे परमेश्वर ने बनाया था। जो खो गया था उसे लौटा रहा था और जो श्राप के कारण टूट गया था उसे पूर्ण और सही और उत्तम बना रहा था। वह उस सामर्थी काम को करते रहेगा और एक दिन वह पूरा होगा। यीशु अपने स्वर्गय राज में राजा बन के राज करेगा और वह नया बनाया जाएगा! क्या उसके लोग विश्वास करेंगे? क्या वे उस पर विश्वास करेंगे?

TumHoToh #NewLifeCityOur New Track TUM HO TOH Is Not Just a Track But Much More Than That, It Declares That You don't need anything else when there's fullne...